टुकड़ों में बंटी जिंदगी-मुकेश कुमार

Post View 985 यह कहानी एक सच्ची घटना से प्रेरित है सिर्फ पात्रो का नाम बदल दिया गया है  मेरा नाम रजनी  है। दादी और पापा की गलतियों की वजह से मैं विकलांग पैदा हुई। मेरे मां को भरपूर खाना भी नहीं मिलता था उनको मेरी दादी हमेशा मानसिक टॉर्चर करती थी क्योंकि पापा और … Continue reading टुकड़ों में बंटी जिंदगी-मुकेश कुमार