टमाटर के फुल:- मुकेश कुमार (अनजान लेखक)
Post View 1,569 ———— बहुत तीखी तो नहीं लेकिन धुप आ रही थी आँगन में। रात भर सर्दी की ठिठुरन से परेशान विजय कुर्सी डाल कर बैठ गया। सामने कुछ गमले लगे हुए हैं, फुल के पौधों के अलावा मिर्च और टमाटर के पौधे भी पिताजी ने गमलों में लगा रखा है। विजय अपना डिग्री … Continue reading टमाटर के फुल:- मुकेश कुमार (अनजान लेखक)
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