स्वर्ग यहां-नरक यहां – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral Stories in Hindi

Post View 2,555 दीपावली की लंबी छुट्टी मिली थी स्वाति को।ऊपर से बेटी भी आ रही थी।उसके आ जाने से त्योहार की भागदौड़ नहीं करनी पड़ती थी स्वाति को। आते ही फरमान जारी हो गया उसका”मम्मी,इस बार दीवाली में कांजीवरम साड़ी ही पहनना पड़ेगा।पापा के दिए झुमके भी निकाल दूंगी।मैं भी पायल पहन ही लूंगी।सारे … Continue reading स्वर्ग यहां-नरक यहां – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral Stories in Hindi