स्वाभिमान और अभिमान – कविता भड़ाना
Post View 2,226 आखिरकार आज “स्वाभिमान” और “अभिमान” का टकराव हो ही गया था। अपने जीवन के महत्वपूर्ण साल अपने परिवार को देने के बाद “मनीषा” ने जब अपनी खुशी और पहचान के लिए कुछ करना चाहा तो अभिमानी “अजय” को ये सहन नही हो पा रहा था। रिश्ता बेशक दोनो का पति – पत्नी … Continue reading स्वाभिमान और अभिमान – कविता भड़ाना
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed