सुगंधभरी साँसें – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

Post View 4,662 शहनाई बज रही थी ।एक दूसरे की सुगंध भरी साँसों की टकराहट से मन की वीणा के तार झनझना उठे। कमाल और स्वाति ने न जाने कब –कब में एक दूसरे के गले में जयमाला डाल दी । जाली के घूँघट में स्वाति की झलक मिलने से कमाल उसकी ओर टकटकी लगाए … Continue reading सुगंधभरी साँसें – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi