ये गलियां भी कुछ कहती हैं

Post View 657 “अरी ओ,ई का कान में ठूंसी रहती हो,कुछ पढ़ लिख लिया करो।” “अरे दादी का कह रही हो” ,(कान से हेडफोन निकाल कर उर्मिला पूछती है) “हम ई कह रहे हैं कि ,पढ लो कुछ ,नाहि तो देखत हउ ना इ झाड़ू वाले को , एही करना तुम भी।,” “पर दादी झाड़ू … Continue reading ये गलियां भी कुछ कहती हैं