शर्म से गड़ना – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi

Post View 43,834 आज किधर चीप मार्केट में आ गई हो तुम?अखिल झुंझला के दिव्या से बोले। चलो तो..दिव्या ने अपने पति अखिल का हाथ खींचते हुए कहा। तुम??और साप्ताहिक पेंठ से सामान खरीदो,इंपॉसिबल!अखिल बड़बड़ाया… इसको तो पड़ोस में मंदिर भी जाना होता है तो अपनी शानदार बी एम डबलू निकलवाती है ड्राइवर से,बिसलेरी पानी … Continue reading शर्म से गड़ना – डॉ संगीता अग्रवाल: Moral stories in hindi