शर्म पहनावें मे नही चरित्रहीन होने में है!! – मनीषा भरतीया

Post View 1,941  रीमा देख आज हम सब सब ने मिलने का प्रोग्राम बनाया है।, तुम्हें भी आना ही पड़ेगा। हर बार तू टाल जाती है लेकिन इस बार मैं तेरी एक नहीं सुनूंगी। अरे भई अब तो हम सब सहेलियां बहू वाली हो गए हैं।, सास बन चुके हैं। अगर अब अपनी जिंदगी नहीं … Continue reading शर्म पहनावें मे नही चरित्रहीन होने में है!! – मनीषा भरतीया