सीमा रेखा – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

Post View 43,316 बेटा… अगर हो सके तो तुम्हारी सैलरी आते ही इस बार सबसे पहले मेरा चश्मा बनवा देना या फिर नया ही दिलवा देना… बड़ी तकलीफ होती है बेटा… चश्मा के बगैर… अशोक जी ने अपनी बेटे नामित से कहा  नामित:   आपका ना मुझे समझ नहीं आता पापा… हर बार सैलरी आई … Continue reading सीमा रेखा – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi