‘ संस्कार ‘ – विभा गुप्ता

Post View 24,649  ” मालकिन, चार बजने को आये हैं, आप कहें तो आरती की थाली तैयार कर देती हूँ।दीपक भैया बहुरानी को लेकर आते ही होंगे।” गृहसेविका नंदा ने जब अपनी मालकिन से पूछा तो देविका जी ने बेमन-से उत्तर दिया, ” इसकी कोई आवश्यकता नहीं है नंदा,नई बहुरानी तो नये विचारों वाली विदेशी … Continue reading ‘ संस्कार ‘ – विभा गुप्ता