साँच को आँच नहीं – समिता बडियाल : Moral Stories in Hindi

Post View 33,023 नीलिमा जी जबसे बाज़ार से लौटी हैं , गुस्से में इधर – उधर बड़बड़ाते हुए घूम रहीं थी।  माधव जी (उनके पति ) ने  बेचैनी का कारण पूछा  नीलिमा जी फट पड़ी : हे भगवान् क्या बताऊँ आपको ? ऐसी चरित्रहीन बहु पल्ले पड़ी है की पूछो मत।  अरे हुआ क्या भाग्यवान … Continue reading साँच को आँच नहीं – समिता बडियाल : Moral Stories in Hindi