समयरेखा – अंजू शर्मा : Moral Stories in Hindi

Post View 10,078 “छह बजने में आधा घंटा बाक़ी है और अभी तक तुम तैयार नहीं हुई!  पिक्चर निकल जाएगी, जानेमन!!!” मानव ने एकाएक पीछे से आकर मुझे बाँहों में भरते हुए ज़ोर से हिला दिया!  बचपन से उसकी आदत थी, मैं जब-जब क्षितिज को देखते हुए अपने ही ख्यालों में डूबी कहीं खो जाती, … Continue reading समयरेखा – अंजू शर्मा : Moral Stories in Hindi