सलोनी का लहंगा

Post View 867 आज आपके लिए एक ऐसी कहानी लेकर आया हूं जिसके पात्र हम कभी ना कभी बनते हैं या बन जाते हैं.  मैं कहानी की शुरुआत करता हूं अपनी पत्नी से हुई बातचीत से मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि उसे जयपुर जाना है।  मैंने उससे पूछा अचानक जयपुर क्यों, तो उसने धीरे … Continue reading सलोनी का लहंगा