सानिध्य -तृप्ति शर्मा

Post View 371 “आप मेरी चूड़ियां पकड़कर क्यों सोते हैं।”शादी के कुछ दिनों बाद ही थोड़ी हिचकिचाहट के साथ रुचि ने अभिनव से पूछ लिया। अभिनव ने रुचि की आंखों में आंखें डाल कर मुस्कुराते हुए कहा। मुझे अच्छा लगता है इनका सानिध्य इनकी खनखनाहट रुचि ,और इन्हें छूकर मुझे तुम्हारे पास होने का एहसास … Continue reading सानिध्य -तृप्ति शर्मा