रिश्वत – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi
Post View 47,180 उपमा के ललाट पर पसीना छलक आया! सांसें फूलने लगी पकड़े जाने के भय से वे नीली पड़ गई… “चोरी… हां चोरी ही तो है… दो मिठाईयों की चोरी… वह भी अपनों के घर में। “ मोतियाबिन्द से ऐसे ही आंखों की रौशनी धुंधली हो गई है… चारो ओर धुआँ सा दीखता … Continue reading रिश्वत – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi
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