रिश्तों का बदलाव तब और अब…. – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi
Post View 3,306 ” समय कितना बदल गया,साथ ही खुशियों के मायने भी “रेवती जी ने उदासी से कहा। “तुम ठीक कह रही हो, पहले हमारी खुशी परिवार के साथ होती थी, पर आज खुशियाँ भी अपना अर्थ बदल दी, प्रतिस्पर्धा इस कदर बढ़ गई इसमें रिश्ते भी डूब जाते हैं, क्योंकि मैं इतना भारी … Continue reading रिश्तों का बदलाव तब और अब…. – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi
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