रिक्त स्थान (भाग 9) – गरिमा जैन

Post View 15,575 अगले दिन सुबह सुबह रेखा की घर की घंटी बजती है रेखा भागते हुए दरवाजा खोलती है “यह रूपा ही होगी वही लगातार घंटी बजा बजाकर मुझे सांस भी नहीं लेने देती। रुक जा रूपा की बच्ची अभी बताती हूं तुझे” रूपा उछलते हुए अंदर आती है उसके हाथ में अखबार था। … Continue reading रिक्त स्थान (भाग 9) – गरिमा जैन