पुरूष – विनय कुमार मिश्रा

Post View 601 “तुम्हारा नियुक्ति पत्र आया है कुसुम! तुम्हारा प्राइमरी स्कूल में चयन हो गया है “ मैं स्तब्ध थी मगर इन्हें विश्वास था।अपने चश्मे के पीछे अपनी खुशियों और संघर्ष को छुपाते हुए इन्होंने नियुक्ति पत्र मेरे हाथों में रख दिया। मेरी आंखों में भी दो बूंद खुशी के आ गए। मैं कोई … Continue reading  पुरूष – विनय कुमार मिश्रा