प्रायश्चित भरा स्वार्थ – बालेश्वर गुप्ता

   एक शोर सा उठा, कोई जोर से चिल्लाया अरे ये तो कोने वाले बंगले वाले अंकल हैं, पता नही इन्हें क्या हुआ—-?      काफी सारे लोग उस ओर दौड़ पड़े,देखा कि शंकर अंकल सड़क पर बेहोश पड़े थे।कॉलोनी में सब उन्हें अंकल ही कहते थे।एक नौकर के साथ 500 गज के बंगले में शंकर अकेले ही … Continue reading प्रायश्चित भरा स्वार्थ – बालेश्वर गुप्ता