फिर कहीं कोई फूल खिला – नीरजा कृष्णा

Post View 9,016 आज वे दोनों माली के साथ अपनी बालकनी के गमलों की देखरेख कर रहे थे। अचानक सुरेश बाबू की निगाहें  कोने में रखे गमले पर पड़ी और उसमें अनायास उग आए एक छोटे से गुलाबी रंग के फूल पर रीझ कर पूछ बैठे, “दीनू काका, ये कौन सा फूल है…ये तुमने कब … Continue reading फिर कहीं कोई फूल खिला – नीरजा कृष्णा