”नेहा“ – पुरुषोत्तम : Moral Stories in Hindi

Post View 1,908 अनुमंडल से कोई बारह किलोमीटर दूर, संथाल की पठार का एक गाँव कमलपुर। गाँव नहीं देहात, भोले-भाले, खेती-किसानी करने वाले लोग। अनपढ़ों की पिछड़ी बस्ती। बस्ती पिछड़ी भली लेकिन सपने आसमान में उड़ने के; अपनी कमजोर और नन्ही ही सही पंखों के सहारे। इसी बस्ती में गरीब परिवार में जोड़ी भर आँखों … Continue reading ”नेहा“ – पुरुषोत्तम : Moral Stories in Hindi