नया उजाला -बालेश्वर गुप्ताMoral stories in hindi
अरे झुमरू ये क्या कर दिया रे तूने,पंडित जी के मुँह से अपना मुँह लगा दिया?रे,हममें तो इनके चरणों को छूने की भी औकात नही है। तो क्या करता बापू,पंडित जी चक्कर खा गिर पड़े थे,मुहँ से सांस नही देता तो ये मर जाते। वो तो ठीक है बेटा, पर तू नही समझेगा।कोई न कोई … Continue reading नया उजाला -बालेश्वर गुप्ताMoral stories in hindi
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