मुट्ठी में चांद – बालेश्वर गुप्ता: Moral stories in hindi
Post View 2,477 बाबू सरकार हमारी न हिम्मत है और न औकात जो आपकी तरफ देख भी सके।मेरी बिटिया को माफ कर दो सरकार,हम यहां से कही भी दूर चले जायेंगे।बाबू सरकार — हमे –माफ –कर दो। जमीदार विक्रम के यहां बचपन से ही रामू उनकी हवेली पर ही काम करता था।पहले बचपन मे अपने … Continue reading मुट्ठी में चांद – बालेश्वर गुप्ता: Moral stories in hindi
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