मुहँ ना खुलवाओ – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

Post View 11,535      नमस्ते आंटी….. पौधों में पानी डाल रही है…..?? हां बेटा पर तुम कब आई ससुराल से गिन्नी…..?? तुम्हारी मम्मी ने बताया नहीं कि तुम आने वाली हो…. आओ अंदर बैठते हैं…! पाइप पौधों के बीच में रखते हुए आभा ने कहा….! हां आंटी वो अचानक ही प्रोग्राम बन गया…तो बस आ गई….। … Continue reading मुहँ ना खुलवाओ – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi