मेरी माँ है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Post View 85   ” सुमन बेटी..आज तुम्हारी परीक्षा का पहला दिन है.. दही-चीनी खाकर जा.. पेपर अच्छा होगा..।” कहते हुए शारदा सुमन को दही खिलाने के लिये आगे बढ़ी, तभी सुमन उनका हाथ रोकते हुए बोली,” कोई ज़रूरत नहीं है..।” और स्कूल जाने लगी।उसके पिता बेटी को डाँटने ही वाले थे कि शारदा ने उन्हें … Continue reading मेरी माँ है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi