मेरा परिवार – माता प्रसाद दुबे

Post View 298 विकास! तुम हमेशा देर से आते हो.तुम्हें यह ख्याल ही नहीं रहता..कि कोई तुम्हारा इंतजार कर रहा है?”गीता विकास को देखकर शिकायत करते हुए बोली। गीता! तुम्हारी बात जायज है..मगर क्या करूं आफिस से लौटकर मैं जल्दी घर जाता हूं..मम्मी मेरी राह तकती रहती है..जब तक मैं घर नहीं पहुंच जाता मम्मी … Continue reading मेरा परिवार – माता प्रसाद दुबे