मसाला दोसा: – मुकेश कुमार (अनजान लेखक)
Post View 1,065 वो ठेले वाला भी ना अजीब है, सुबह-सुबह तो इडली बेचने साईकिल से आता है और शाम होते ही मोहल्ले में ठेला लगा कर इडली-दोसा दोनों बेचता है। पता नहीं ऐसा क्यों करता है, फ़ालतू में झगड़ा करवा दिया उसने। भुनभुनाते हुए योगेश सीढ़ियाँ चढ़ने लगा, शायद छत पर ही अब मन … Continue reading मसाला दोसा: – मुकेश कुमार (अनजान लेखक)
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed