मर्यादा का उल्लंघन वो नहीं हम कर रहे ! – मीनू झा 

Post View 954 “वे एक दूसरे की जरूरतें पूरी करने का जरिया बन गए थे. ये बात हमें बीसियों लोगों ने फोन पर कहा, वो कहते कॉलोनी का हर इंसान उनके ही बारे में बातें कर रहा है तो बताइए सुधाकर अंकल, भला हम कैसे कान में तेल देकर सोए रहते.” तो उसमें गलत क्या … Continue reading मर्यादा का उल्लंघन वो नहीं हम कर रहे ! – मीनू झा