मंत्र – नीलम सौरभ

Post View 1,114 “अरे दीपक! क्या है ये सब? इतना पढ़ा-लिखा होकर तू कैसे इन सब चक्करों में फँस गया भाई!” दोस्त से मिलने पहुँचा गौरव उसके कमरे का दृश्य देख कर अचरज से बेसाख़्ता बोल उठा। टीवी के कुछ चैनलों पर रोज दिखने वाले उस चीज को वह तुरन्त पहचान गया था। दीपक व … Continue reading मंत्र – नीलम सौरभ