मंशा – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi
Post View 52,534 हे गंगा मैया ….मेरी गोद भर दो… न जाने आपकी क्या मंशा है… मंशा.. वाह ..मिल गया नाम.. मैं सोच ही रही थी… यदि गंगा मैया मेरी मनौती पूरी कर , मेरा गोद भर देंगी तो मैं नाम क्या रखूंगी …? अब देखिए ना गंगा मैया…. मेरी माँ ने भी आपसे मनौती … Continue reading मंशा – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi
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