ममता में मिलावट नहीं होती – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

Post View 7,278       ” बस माँ…अब बंद करो अपना ये नाटक…जब देखो…।” कहते हुए विवेक ने दही की कटोरी नीचे फेंक दी और बेसिन का नल खोलकर अपने हाथ धोने लगा।देविका जी सकपका गई।कुछ गिरने की आवाज़ सुनकर वंदना किचन से बाहर आई…एक तरफ़ खड़ी अपनी सास को उसने देखा…फिर फ़र्श पर गिरी दही की … Continue reading ममता में मिलावट नहीं होती – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi