मकर संक्रांति स्नान –   कमलेश राणा

Post View 866 हे प्रभु ऐसी ठंड क्यों बनाई आपने.. रमा कांपती जा रही थी और भगवान से ढेर सारे सवाल कर रही थी। अरे भाग्यवान.. भगवान को तो बख्श ही दो अब कोई नहीं मिला तो उनके पीछे ही पड़ गई। सारे शरीर की ताकत इनकी जीभ में ही आ गई है अब… हाथ … Continue reading मकर संक्रांति स्नान –   कमलेश राणा