मजबूरी…!! -विनोद सिन्हा ‘सुदामा’

Post View 172 बहुत मुश्किल होता है किसी ऐसे सच को स्वीकार करना जो सिर्फ आपसे और आपके व्यक्तित्व से जुड़ा हो और जो कड़वा भी हो और आपको दर्द भी देता हो,मेरे लिए भी एक सच ऐसा था जिसे स्वीकार करना मुश्किल हीं नहीं पीड़ादायक भी था फिर भी स्वीकार कर रखा था मैंने … Continue reading मजबूरी…!! -विनोद सिन्हा ‘सुदामा’