“मां की गुलक” -गीतांजलि गुप्ता

Post View 13,458 रंजना जी कई दिनों से परेशन है। दीप्ति की बातों पर बार बार सोचने को मजबूर हो जाती है। बड़े अरमानों से उसने अपने इकलौते बेटे की शादी दीप्ति से की थी। दीप्ति अभिनव के साथ ही काम करती थी। रंजना जी ने अभिनव को जी तोड़ मेहनत कर के पाला था। … Continue reading “मां की गुलक” -गीतांजलि गुप्ता