माँ हमें आपके सहारे की ज़रूरत है – के कामेश्वरी 

रजनी की दो बेटियाँ थी पति आलोक बैंक में नौकरी करते थे । बेटियाँ दोनों बहुत ही सुंदर और होशियार थी । बचपन से ही हर कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होती थी । 

आज अपने बलबूते पर बड़ी लड़की प्रिया ने शहर के सबसे बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज में दाख़िला लिया था । हर साल कॉलेज की टॉपर बनती आई साल के अंत में उसे कैंपस सेलेक्शन में ही बहुत बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई थी ।  

दूसरी बेटी तनू भी अपनी बड़ी बहन के नक़्शे कदम पर चलते हुए उसी कॉलेज में दाख़िला लिया और अभी वह तीसरे साल में पढ़ रही है । 

रजनी और आलोक को अपने बच्चों पर गर्व होता था । उन्हें मालूम था कि इतनी अच्छी पढ़ी लिखी जॉब करने वाली लड़कियों के लिए अच्छे रिश्ते भी आएँगे। प्रिया थोड़ी मोटी हो गई थी खाने पीने पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया करती थी तनू बहुत ही सुंदर गोरी सी लंबी सी थी । 

माँ जब भी प्रिया से कहती थी कि बेटा थोड़ा व्यायाम कर ले छुटकी तनू माँ से लड़ती थी कि उसके पास समय कहाँ है माँ उसकी क़िस्मत अच्छी है तो उसके लिए वही लड़का मिलेगा जो उसे ऐसे ही पसंद कर लेगा । प्रिया माता-पिता की बात मानने वाली आज्ञाकारी बच्ची थी । ऑफिस से आने के बाद भी अगर माँ कहती थी कि बेटा तुझे देखने के लिए लड़के वाले आ रहे हैं तैयार हो जाना तो बिना कुछ बोले जी माँ कहकर तैयार हो जाती थी । मोटी है कहकर लड़के चले जाते थे तो भी मुँह नहीं खोलती थी ।

उसके लिए तनू मॉउथ पीस थी माँ से लड़ती थी । कहती थी माँ दी इतने अच्छे कंपनी में नौकरी करती है कि लड़के अपने आप रिश्ता लेकर आएँगे आप घबराइए मत। ऐसे हर किसी के सामने उसकी नुमाइश करना बंद कीजिए हम कोई बाज़ार में बिकने वाली वस्तु नहीं हैं । एक दिन तो तनू का पारा चढ़ गया था जब लड़के वालों ने यह कहा कि हमें छोटी लड़की पसंद आ गई है उसके लिए आप तैयार हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं है । उस दिन पहली बार प्रिया बहुत रोई थी । तनू ने घर में माता-पिता से कह दिया था कि आज के बाद दी को दिखाने का प्रोग्राम बंद । माँ मैं कहे देती हूँ वह आपकी बात मानती है इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी ऐरा गैरा आए और दी की बेइज़्ज़ती कर दें । 

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यहाँ तक सब ठीक है । माँ की चिंता अपनी जगह सही थी । एक दिन नहा धोकर रजनी मुँह पर क्रीम पाउडर लगा रही थी तो उसने देखा उसके नाक के नीचे होंठों पर सफ़ेद धब्बा है उसने सोचा पाउडर है दो तीन बार पोंछ लिया पर वह नहीं गया । उसका दिल धक से रह गया था वह डर गई थी क्योंकि उसकी माँ को सफ़ेद कोड था वह सोचने लगी कि कहीं मुझे भी!!!!

फिर सोचा कि थोड़े दिन और देख लेती हूँ । माँ को जब आया था तब तक दोनों बहनों और भाई की शादी भी हो गई थी। अब उसे आया तो लड़कियों की शादी रुक जाएगी कौन करेगा मेरी बेटियों से शादी उसका दिल मचलने लगा । वह उदास हो गई थी बच्चे पति सब कहते थे कि क्या हो गया है आजकल आप चुप रहती हैं । 

तनू आकर सांत्वना देती थी कि माँ आप फ़िक्र मत करो ईश्वर ने हमारे लिए भी कोई मेच बनाया ही होगा समय आने पर अपने आप बाहर आ जाएगा । रजनी हँसते हुए सोचती थी कि इन बच्चियों को क्या बताऊँ कि मेरी चिंता का कारण अब कुछ और है । खैर…. एक हफ़्ते के बाद उसने देखा तो दाग फैल गया है और शरीर के दूसरे जगह भी दिखाई दे रहे हैं । उसकी एक सहेली डॉक्टर थी उसके पास पहुँच गई और अपनी सारी परेशानी बताई । उसने रजनी को अपने पहचान के एक डॉक्टर के पास ले गई और पूछताछ में उस डॉक्टर ने कहा कि आपको डरने की कोई बात नहीं है आजकल हर बीमारी का इलाज है मैं आपकी ट्रीटमेंट कर दूँगा । रजनी खुश हो गई और घर आकर उसने अपने पति को बताया और यह भी कहा कि अभी से बच्चों को नहीं बताएँगे क्योंकि अगर ठीक हो जाएगा तो अच्छा है ख़ामख़ाह बच्चे फ़िक्र करने लगेंगे । आलोक ने भी कहा कि ठीक है । 

रजनी का ट्रीटमेंट शुरू हो गया था । एक महीने बाद सफ़ेद दाग कम हुआ कि नहीं मालूम नहीं था परंतु रजनी के शरीर में दवाइयों का रियाक्शन हो गया था और उसे खाना खाने की इच्छा नहीं होती थी जिसके कारण वह दुबली पतली और कमजोर हो गई थी । डॉक्टर ने कहा कि ऐसा रियाक्शन बहुत कम लोगों को होता है इसलिए थोड़े दिन दवाइयाँ बंद कर दीजिए ।




बच्चों को भी पता चल गया था उन्होंने ने कहा कि आप ऐसे कैसे दवाइयाँ ले सकती हैं रजनी ने कहा कि तुम लोगों की शादियाँ नहीं हो पाएँगी मेरी इस बीमारी के कारण क्योंकि मेरे शरीर के दाग तेजी से शरीर में बढ़ रहे थे । 

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उसने रोते हुए जब बताया था कि तुम लोगों की शादियाँ मेरे कारण नहीं हो पायेंगी इसलिए मैंने सोचा था कि ट्रीटमेंट लूँगी तो सब ठीक हो जाएगा । हमारे बाद तुम लोग अकेले बिना सहारे के रह जाओगे । 

दोनों बेटियों ने माँ को गले लगाया और समझाया कि माँ आप हमारे लिए ज़रूरी हो जब आप हमारे लिए सहारा है तो हमें किसी और के सहारे की ज़रूरत नहीं है ।वैसे भी आप किस ज़माने में जी रही हो माँ आप जैसी हैं उस सच को मानते हुए हमारे लिए रिश्ते आते हैं तो हम करेंगे नहीं तो कोई बात नहीं है हम दोनों पढ़े लिखे हैं नौकरी कर रहे हैं तो हमारे लिए आपको चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है हम दोनों एक दूसरे का सहारा बनेंगे माँ आप अपनी सेहत का ख़्याल रखिए शादी जब होनी होगी हो जाएगी । इस तरह माता-पिता को दोनों बेटियों ने समझा तो दिया परंतु रजनी ने जैसे सोचा वैसे ही हो रहा था प्रिया के लिए रिश्ते आते थे पर रजनी को देख कर मना कर देते थे । 

हम कितना भी कह लें पर एक माँ की चिंता उनकी तड़प को हम दूर नहीं कर सकते हैं ।

 तनू तो इंजीनियरिंग के बाद एम एस करने के लिए अमेरिका चली गई थी । प्रिया के साथ मिलकर काम करने वाले विराट ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा है अभी प्रिया ने उसका जवाब नहीं दिया है। वह चाहती है कि सोच समझ कर फ़ैसला लेना ज़्यादा ज़रूरी है । रजनी और आलोक अभी भी अपनी दोनों बेटियों की शादियों के सपने बुन रहे हैं और ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह दिन जल्दी आए । कहते हैं कि ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं है । तनू ने अमेरिका में ही एक लड़के को अपने लिए चुन लिया और माँ को बताया था । प्रिया के लिए तो विराट तैयार ही है । 

दोस्तों हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि रजनी के परिवार की चिंता मिट जाए और उसकी दोनों बच्चियों की मनोकामना पूर्ण हो जाए । 

 सहारा 

के कामेश्वरी 

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