लड़का हो या लड़की। दर्द भी बराबर होता है – सविता गोयल 

Post View 53,074 अरे बहू, ये क्या कर रही हो। अभी तो लल्ला खाली बीस दिन का हुआ है और तुम अभी से कपड़े धोने चल पड़ी। माँ जी, पिछली बार भी तो बीस दिन होते ही मैं काम करने लगी थी। तो इस बार भी कर लूंगी। नहीं नहीं बहू, अभी तेरा शरीर कच्चा … Continue reading  लड़का हो या लड़की। दर्द भी बराबर होता है – सविता गोयल