क्या मेरी कोई अहमियत नहीं? – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi
Post View 14,963 ” मम्मी….आपके घर में रहने के लिये मुझे थोड़ी जगह मिलेगी?” रोते हुए छवि अपनी माँ प्रेमलता से पूछने लगी। ” ये तू क्या कह रही है छवि!…शशांक जी कोई बाता-बाती हुई है क्या या फिर बच्चों से…।” ” सबसे…आप मना कर देंगी तो मैं कहीं और…।” बात अधूरी रह गई और … Continue reading क्या मेरी कोई अहमियत नहीं? – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi
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