कौन तार से बीनी चदरिया – अंजना वर्मा : Moral Stories in Hindi

Post View 374 खामोश हवा अचानक गीत पर मृदंग के सुरों से झनकने लगी थी। कड़ी, चिकनी आवाज में वे सब बाहर दरवाजे पर खड़ी होकर गा रही थीं, “जच्चा रानी सोने के पलंग बिछा जा जच्चा रानी सोने के पलंग” सुशील के साथ-साथ किरण ने खिड़की की दरार से बाहर झाँका। ऐसे तो किरण … Continue reading कौन तार से बीनी चदरिया – अंजना वर्मा : Moral Stories in Hindi