किस्मत के रंग या खुदगर्जी – प्राची अग्रवाल : Moral stories in hindi
Post View 17,172 छाया अपनी आलीशान गाड़ी में बैठकर मंदिर जा रही थी। गाड़ी से उतर कर वह मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ी। तभी वह मंदिर के पास लगी दुकानों से फूल खरीदने के लिए रुक जाती है। ‘बहन जी पूजा के लिए फूल देना’ उसने फूल बेचने वाली साधारण सी महिला से कहा। लेकिन … Continue reading किस्मत के रंग या खुदगर्जी – प्राची अग्रवाल : Moral stories in hindi
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