किसी के कांधो का सहारा क्यो मांगू मैं  संगीता अग्रवाल

Post View 198 जिंदा हूँ अभी कोई लाश नही हूँ। क्यो किसी के हाथो मे खेली जाऊं एक औरत हूँ कोई ताश नही हूँ। क्यों उम्मीद करूँ कोई दे मुझे आसरा सक्षम हूँ खुद से कोई बेसहारा नही हूँ। मैंने तो चाहा कोई हाथो मे मेरे हाथ दे सहारे का एहसान नही अपना साथ दे। … Continue reading किसी के कांधो का सहारा क्यो मांगू मैं  संगीता अग्रवाल