किराया – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू

Post View 20,273 जनमते ही अम्मा ने देह त्याग दिया ,और जब देह त्याग दिया तो भला मुझ जैसी अभागन को कौन देखता,और फिर बेटा होता तो लोग भले मां मर जाती पर हाथों हाथ लिए रहते ,पर मुझे ननिहाल भेज दिया गया। हां ननिहाल, काकी बताती है कि उनके कोई आल औलाद नहीं थी … Continue reading किराया – कंचन श्रीवास्तव आरज़ू