खुशी की किरण –   रीता खरे

Post View 884  “आज फिर पूनम की रात, वही पूर्ण चांद, जिसने अपनी चांदनी से सारा जहां  दुधिया  रंग में रंग दिया है, कितनी सुन्दर लगती है, फिर .. फिर क्यों? इस इतनी उज्जवल रात ने मेरे मन को इतना मलिन कर दिया, क्यों यह पूनम की रात मेरे जिंदगी में अपने हिस्से की थोड़ी … Continue reading खुशी की किरण –   रीता खरे