क्या यही प्यार है? – नीरजा कृष्णा
Post View 1,824 दोपहर की गुनगुनी धूप में वो कुर्सी डलवा कर थोड़ी मस्ती के मूड में आराम कर रही थी, अभी सबको आने में थोड़ी देर थी,उनके होंठों पर अनायास ही गीत मचल उठा था…..जिंदगी प्यार का गीत है, इसको हर दिल को गाना पड़ेगा….. बहुत ही भावविभोर होकर उन्होंने अपनी आँखें बंद कर … Continue reading क्या यही प्यार है? – नीरजा कृष्णा
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