करिश्मा – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

Post View 4,438      बाबूजी,आज 100 रुपये  एडवांस में मिल जायेंगे तो बड़ी मेहरबानी होगी।वो है ना माँ की साड़ी लानी है।बस दो  धोती है,घिस गयी हैं।देख कर मुझे अपने पर शर्म आती है।        अरे पहले बताना था ना।अच्छा रुक जरा।—–ले ये साड़ियां मेरी पत्नी की है,अब किस काम की,तेरी मां पहन लेगी,उसे संतोष मिलेगा।और ये … Continue reading करिश्मा – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi