जरा सी परवाह – नीरजा कृष्णा

Post View 742 वो बेटी दामाद के बहुत बुलाने पर उनके घर आई हुई थीं। बहुत संकोच में रहती थीं…भला कोई कितने दिन बेटी के घर आसन जमा सकता है। दामाद विवेक को समय मिलने पर घर के कामों में वीनू की मदद करते देख बहुत अजीब सा लगता था। उस दिन  विवेकजी की छुट्टी … Continue reading जरा सी परवाह – नीरजा कृष्णा