जीवन का सवेरा (भाग – 5) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

Post View 1,971 आरुणि रोहित को भावनाओं में गुम हुआ देख़ टेबल थपथपाते हुए “नोक नोक” बोल रोहित को ख्यालों की दुनिया से बाहर लाती है, “रोहित कहाँ खो गए थे, मैंने कुछ पूछा है तुमसे”… आरुणि ने चिंता और परेशानी के भाव से उससे पूछा। वह रोहित की परेशानी जानने के लिए उत्सुक थी, … Continue reading जीवन का सवेरा (भाग – 5) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi