जीवन का सवेरा (भाग – 4) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi
Post View 3,425 “जब तक चाय आती है, अपने बारे में बताओ रोहित। दोस्त के बारे में कुछ तो मालूम होना ही चाहिए।” रोहित के फिर से बैठते ही आरुणि कहती है। “करेक्ट.. फिर हम सब भी चाय के साथ अपना अपना परिचय देंगी।” तृप्ति आरुणि के कथन पर स्वीकृति की मुहर लगाती हुई कहती … Continue reading जीवन का सवेरा (भाग – 4) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi
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