जीने का मकसद – वीणा कुमारी : Moral stories in hindi
Post View 5,092 बनारस स्टेशन के एक कोने में बैठ पार्वती काकी ज़ार ज़ार रोए जा रही थी कि तभी पवन की नजर उन पर पड़ी। वह पास जाकर पूछा– क्या हुआ काकी,क्यों इतना रोए जा रहे हो? कुछ खो गया का? रोते रोते ही काकी ने कहा – सब कुछ तो खो ही गया … Continue reading जीने का मकसद – वीणा कुमारी : Moral stories in hindi
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