जीवन चलने का नाम – उमा वर्मा

Post View 10,306  ” बच्चे बड़े हो रहे थे ।उनकी शिक्षा अपनी गति से चल रहा था कि मैं बीमार रहने लगी ।अम्मा चिंता करती ।कैसे चलेगा घर? तभी निराशा के क्षण में एक आशा की किरण नजर आई।एक गरीब माँ अपने चार बच्चों को लेकर द्वार पर खड़ी हो गई ।उसने कहा ” हम … Continue reading जीवन चलने का नाम – उमा वर्मा