जागृत पुरुषत्व – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

Post View 4,817   वैशाली मुझे लगता है मेरे हाथ ऊपर हवा में लहराते हुए से हैं और मैं अनंत गहराई में डूबता जा रहा हूँ।मैं क्या करू,वैशाली,मैं हार गया,मैं अपने से हार गया।      अभिषेक,क्यूँ हिम्मत हारते हो?एक रास्ता बंद होता है तो ईश्वर दूसरा रास्ता खोलता है, बस हमे उस रास्ते की खोज ही तो … Continue reading जागृत पुरुषत्व – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi